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इन कारणों से à¤à¥€ हो सकती है à¤à¤¸à¥€ दिकà¥à¤•त-
à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ (लाल रकà¥à¤¤ कोशिकाओं का कम सà¥à¤¤à¤°)- जिन लोगों में à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ की दिकà¥à¤¤ होती है उनमें à¤à¥€ अकà¥à¤¸à¤° सांस की तकलीफ बनी रहती है। असà¥à¤¥à¤®à¤¾ के रोगियों में सांस की समसà¥à¤¯à¤¾ होना सामानà¥à¤¯ है। चिंता-तनाव की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ à¤à¥€ इस जोखिम को बढ़ा सकती है। हृदय या फेफड़ों की समसà¥à¤¯à¤¾à¥¤
सांस लेने में दिकà¥à¤•त होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ से लेकर दिल की बीमारियों तक, इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ के पीछे की वजह कई हो सकती हैं। इसिलठअगर आपको सांस लेने में दिकà¥à¤•त महसूस होती है, तो आपको फौरन डॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह लेनी चाहिà¤à¥¤ आइठà¤à¤• नज़र डालें कि सांस लेने में कठिनाई किन कारणों की वजह से हो सकती है।
असà¥à¤¥à¤®à¤¾: यह à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ है, जिसमें वायà¥à¤®à¤¾à¤°à¥à¤— सूज जाते हैं और संकीरà¥à¤£ हो जाते हैं। इससे सांस लेने में दिकà¥à¤•त हो सकती है और सांस लेने में तकलीफ à¤à¥€ हो सकती है। असà¥à¤¥à¤®à¤¾ का कोई इलाज उपलबà¥à¤§ नहीं है, सिरà¥à¤« इसके लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ किया जा सकता है।
निमोनिया: यह à¤à¤• à¤à¤¸à¤¾ संकà¥à¤°à¤®à¤£ है जो फेफड़ों की वायà¥à¤•ोषों में सूजन पैदा करता है। थैली में तरल पदारà¥à¤¥ या मवाद à¤à¤°à¤¾ हो सकता है, जिससे खांसी, बà¥à¤–ार और सांस लेने में तकलीफ हो सकती है। वायरस, बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾, कवक और अनà¥à¤¯ जीव निमोनिया का कारण बन सकते हैं। निमोनिया का अगर वकà¥à¤¤ रहते इलाज न किया जाà¤, तो यह जानलेवा à¤à¥€ साबित हो सकता है।
COPD: कà¥à¤°à¥‰à¤¨à¤¿à¤• ऑबà¥à¤¸à¤Ÿà¥à¤°à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ पलà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤°à¥€ डिजीज, में फेफड़ों में सूजन आ जाती है, जिससे सांस लेना मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो जाता है। इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में सांस लेने में कठिनाई, घरघराहट और खांसी हो सकती है। जो लोग सà¥à¤®à¥‹à¤• करते हैं, उनमें COPD का जोखिम बढ़ जाता है।
मोटापा: यह à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ है जिसमें शरीर में फैटà¥à¤¸ की मातà¥à¤°à¤¾ काफी ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हो जाती है। इसकी वजह से कई तरह की बीमारियां होने लगती है, जैसे दिल के रोग से लेकर कैंसर तक। सांस फूलने की वजह मोटापा à¤à¥€ हो सकता है। इसलिठज़रूरी है कि शरीर के फैटà¥à¤¸ को कम किया जाà¤à¥¤
कोरोना वायरस: आज की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ देखते हà¥à¤, अगर किसी को सांस लेने में दिकà¥à¤•त आती है, तो उसे फौरन कोविड टेसà¥à¤Ÿ करवाना चाहिà¤à¥¤ सांस न ले पाना कोविड का अहम लकà¥à¤·à¤£ है। इस लकà¥à¤·à¤£ को नज़रअंदाज़ करना जानलेवा साबित हो सकता है।
हारà¥à¤Ÿ फेलियर: यह सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ तब होती है, जब हृदय की मांसपेशियां रकà¥à¤¤ को पंप नहीं करती हैं, जिससे अंततः रकà¥à¤¤ वापस ऊपर आ जाता है और तरल पदारà¥à¤¥ फेफड़ों में जमा होने लगता है, जिससे सांस लेने में तकलीफ होती है।
दिल का दौरा: सांस फूलना दिल के दौरे के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में से à¤à¤• है। दिल का दौरा तब होता है, जब रकà¥à¤¤ का पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ अवरà¥à¤¦à¥à¤§ या कम हो जाता है। यह आमतौर पर हृदय की धमनियों में वसा और कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² के निरà¥à¤®à¤¾à¤£ का परिणाम होता है।
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